current affairs Daily Current

आकाश-एमके-1ए

चर्चा का कारण

ओडिशा के चांदीपुर एकीकृत परीक्षण रेंज से आकाश-एमके-1ए प्रक्षेपास्त्र का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया

आकाश-एमके-1ए प्रक्षेपास्त्र के सम्बन्ध में विशिष्ट तथ्य

  • सतह से हवा में मार करने वाले इस विमानरोधी प्रक्षेपास्त्र की मारक क्षमता 25 किलोमीटर तक है और यह अपने साथ 60 किलो तक आयुध ले जाने में सक्षम है।
  • इंटरसेप्‍टर मिसाइल के तीन स्‍टेज होते हैं जिसमें से दो ठोस रॉकेट बूस्‍टर और एक किल व्‍हीकल होता है जो निशाने को नष्‍ट करने के लिए इस्‍तेमाल होता है.।
  • मिसाइल की 10 किमी प्रति सेकण्ड से ज्यादा रफ्तार को संभालने के लिए उन्नत तकनीक वाले मल्टी स्टेज इंटरसेप्टर को कॉन्फ़िगर किया गया था ।
  • आकाश- एमके -1 मौजूदा आकाश मिसाइल का एक उन्नत संस्करण है जो स्वदेशी तकनीक से लैस है।
  • मध्यम दूरी की बहु-लक्ष्यीय सक्षम मिसाइल का निर्माण एकीकृत निर्देशित-मिसाइल विकास कार्यक्रम (IGMDP) के हिस्से के रूप में किया गया है ।यह नाग,अग्नि, त्रिशूल और पृथ्वी मिसाइलों की श्रेणी में आता है ।
  • सुपरसोनिक मिसाइल की रेंज लगभग 25 किमी और 18,000 मीटर की ऊंचाई तक होती है ।
  • नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने 2017 में रिपोर्ट में कहा था कि परीक्षण के दौरान 30% मिसाइलें विफल रहीं।

the hindu

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *