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टेस्टोस्टेरॉन

चर्चा का कारण

  • सेमेन्या और दुती चंद के शरीर में टेस्टोस्टेरोन नाम के हार्मोन की मात्रा पुरुषों के बराबर है।
  • इसको लेकर अंतर्राष्ट्रीय एथलेटिक्स फेडरेशन (आईएएएफ) को आपत्ति है कि यदि इन खिलाड़ियों को महिला वर्ग की प्रतियोगिताओं में भाग लेना है तो उन्हें अपने हार्मोन महिला खिलाड़ियों के समान करने चाहिए।

टेस्टोस्टेरॉन क्या है ?

  • टेस्टोस्टेरॉन एंड्रोजन समूह का एक स्टीरॉएड हार्मोन है।
  • स्तनपायी में टेस्टॉस्टेरॉन मुख्य रूप से नरों में टेस्टिकल तथा से व मादाओं में ब्रूड सेल से स्रावित होता है।कुछ मात्रा अधिवृक्क ग्रंथि से भी स्रवित होती है।
  • टेस्टोस्टेरॉन नर-सेक्स हार्मोन एवं एक एनाबोलिक स्टीरॉएड होता है।
  • टेस्टोस्टेरॉन पुरुष यौन लक्ष्णों के विकास को बढ़ाता है और इसका संबंध यौन क्रियाकलापों, रक्त संचरण और मांसपेशियों केसंचलन के साथ साथ एकाग्रता, और स्मृति से भी होता है।
  • टेस्टोस्टेरॉन की कमी से चिचिड़ापन होता है टेस्टोस्टेरॉन अधिकता से आक्रामक व्यवहार उत्पन्न होता है

हाइपर एंड्रोजेनिज्म क्या है ?

  • महिलाओं के शरीर में टेस्टोस्टेरोन की मात्रा अधिक होने की स्थिति हाइपर एंड्रोजेनिज्म भी कहा जाता है।
  • टेस्टोस्टेरोन की मात्रा अधिक होने के कारण वह महिला अन्य महिलाओं के मुकाबले ताकतवर होती है।

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