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प्रधानमंत्री -1

प्रधानमंत्री

  • भारत के संविधान-निर्माताओं ने भारतीय राजनैतिक प्रणाली को वेस्ट्मिन्स्टर प्रणाली से प्रभावित होकर एक संसदीय गणराज्य का रूप दिया , जिसमें राष्ट्रप्रमुख भारत का राष्ट्रपति होता है तथा शासन प्रमुख प्रधानमंत्री होता है ।
  • भारतीय राजनैतिक प्रणाली में प्रधानमन्त्री का पद संविधान द्वारा स्थापित है, जिसकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा संविधान में वर्णित प्रावधानों के अनुसार की जाती है।
  • भारत के राष्ट्रपति का पद भारत गणराज्य के राष्ट्रप्रमुख का पद है, जिन्हें संसद द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित किया जाता है। प्रधानमन्त्री का पद भारतीय राजनैतिक प्रणाली का सबसे शक्तिशाली एवं वर्चस्वपूर्ण पद है।

प्रधानमंत्री की नियुक्ति और पात्रता

  • प्रधानमन्त्री को संसदीय आम चुनाव के परिणाम के आधार पर राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है।
  • प्रधानमन्त्री लोकसभा में बहुमत-धारी दल या गठबंधन के नेता होता है । प्रधानमन्त्री को संसद के किसी सदन का सदस्य होना अनिवार्य है लेकिन उन्हें लोकसभा में बहुमत सिद्ध करना होता है ।
  • यदि प्रधानमंत्री किसी सदन का सदस्य नहीं है तो उसे नियुक्ति के छह महीनों के भीतर ही संसद का सदस्य बनना पड़ता है।
  • इंदिरा गाँधी गांधी,एचडी देवगौड़ाऔर मनमोहन सिंह राजयसभा के सदस्य थे।
  • वह भारत का नागरिक है और निर्वाचन आयोग द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत किसी व्यक्ति के समक्ष तीसरी अनुसूची में इस प्रयोजन के लिए दिए गए प्रारूप के अनुसार शपथ लेता है या प्रतिज्ञान करता है और उस पर अपने हस्ताक्षर करता है।
  • वह राज्य सभा में स्थान के लिए कम से कम तीस वर्ष की आयु का और लोकसभा में स्थान के लिए कम से कम पच्चीस वर्ष की आयु का है।
  • उसके पास ऐसी अन्य अर्हताएँ हैं जो संसद‌ द्वारा बनाई गई किसी विधि द्वारा या उसके अधीन इस निमित्त विहित की जाएँ।
    शपथ ग्रहण
  • संविधान के अनुच्छेद 75 के अनुसार प्रधानमन्त्री को पद की शपथ राष्ट्रपति द्वारा दिलाई जाती है। पद पर नियुक्ति हेतु, भावी पदाधिकारी को दो शपथ लेने की अनिवार्यता है।
  • संविधान की तीसरी सूची में वर्णित प्रक्रिया के अनुसार प्रधानमंत्री मंत्रिपद तथा गोपनीयता की शपथ लेता है।
    प्रधानमंत्री का कार्यकाल
  • प्रधानमन्त्री राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत अपने पद पर बना रहता है।
  • प्रधानमंत्री के कार्यकाल के लिए कोई काल-सीमा निर्धारित नहीं की गई है।
  • प्रधानमन्त्री पद पर बना रह सकता है, जबतक लोकसभा में बहुमत का विश्वाश उसके पक्ष में है।
  • लोकसभा का कर्यकाल 5 वर्ष का होता है ।
  • इसलिए सामान्यतः इसका कार्यकाल भी लोकसभा के कार्यकाल के बराबर माना जाता है।
  • प्रधानमंती कार्यकाल से पहले राष्ट्रपति को त्यागपत्र दे सकता है।

प्रधानमत्री को हटाने से सम्बंधित शर्ते

  • यदि प्रधान मंत्री का निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया गया है।
  • लोक सभा महाभियोग के जरिए प्रधानमत्री को पद से हटा सकती है।

प्रधानमत्री -कार्य व शक्तियाँ
1 कार्यकारी शक्तियाँ
2 प्रशासनिक शक्तियाँ
3 विधानमण्डलीय शक्तियाँ
4 वैश्विक संबंधों में किरदार
5 विभिन्न मंत्रालयों/विभागों का प्रभार

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