current affairs LOK SABHA/RAJYA SABHA

लोक सभा अध्यक्ष

 

संविधान के अनुच्छेद 93 के अनुसार लोक सभा यथा शीध्र ,अपने दो सदस्यों को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनेगी और जब जब अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पद रिक्त हो तब लोक सभा किसी अन्य सदस्य को यथास्थिति अपना अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनती है।

लोक सभा अध्यक्ष का कार्यकाल

लोक सभा अध्यक्ष का कार्यकाल लोक सभा के प्रथम अधिवेशन के निर्वाचन से नई लोक सभा के गठन तक होता है। जब लोक सभा विघटित हो जाती है, तब भी अपने पद पर बने रहता है। राष्ट्रपति लोक सभा अध्यक्ष के चुनाव की तारीख तय करता है। लोक सभा अध्यक्ष का दुबारा निर्वाचन किया जा सकता है।

शपथ ग्रहण

लोकसभा अध्यक्ष अन्य लोकसभा सदस्यों की ही तरह एक लोकसभा सदस्य के रूप में शपथ लेता है। उसको शपथ भी कार्यकारी अध्यक्ष द्वारा कराया जाता है। कार्यकारी अध्यक्ष सबसे वरिष्ठ सदस्यों को बनाया जाता है।

लोक सभा का कार्य और अधिकार
प्रोटेम स्पीकर—-प्रोटेम लेटिन भाषा के प्रो टैम्पोर का संक्षिप्त रूप है जिसका मतलब कुछ समय के लिए होता है। प्रोटेम स्पीकर स्थायी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव होने तक संसद का संचालन करता है। नए अध्यक्ष के चुनाव के बाद प्रोटेम स्पीकर का वजूद स्वतः समाप्त हो जाता है ।आमतौर पर लोक सभा अध्यक्ष सदन का वरिष्ठम सदस्य होता है।

लोक सभा अध्यक्ष का मुख्य काम सदन के अन्य सदस्यों को शपथ दिलाना है।
किसी विधेयक पर मतभेद की स्थिति में संसद की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता लोक सभा अध्यक्ष करता है ।
लोक सभा अध्यक्ष प्रक्रिया सम्बन्धी का सञ्चालन करता है ।
वह अनुच्छेद 108 और 118 (4 )द्वारा निर्धारित कार्यों को करता है ।
लोक सभा अध्यक्ष राष्ट्रमंडल संसदीय संघ की मुख्य शाखा के रूप में कार्य करता है ।
विदेश भेजे जंव वाले शिष्टमंडलों के सदस्यों का चयन करता है आमतौर पर अध्यक्ष स्वयं ही इनका नेतृत्व करता है ।
विधायी निकायों के पीठासीन अधिकारीयों के सम्मलेन की अध्यक्षता करता है ।

लोक सभा अध्यक्ष की शक्तियां

लोक सभा के प्रत्येक सत्र की समाप्ति पर भाषण देना लोक सभा का कर्यकाल समाप्त होने पर विदाई भाषण देना ।दलबदल के आधार पर लोक सभा सदस्यों की अयोग्यता का निर्धारण करना की सदस्य को सदन के बहार जाने का आदेश देना ।किसी सदस्य को निलंबित करने की शक्ति उसमे निहित है। विशेषाधिकार सम्बन्धी मामलों की जाँच पड़ताल करता है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के लिए संशोधन किस रूप में प्रस्तुत किये जाएँ यह लोक सभा अध्यक्ष की ही शाक्त है। लंबित विधेयक के सम्बन्ध में संशोधन कीअनुमति की शक्ति लोक सभा अध्यक्ष में ही निहित है ।सदस्यों को बोलने की अवधि तथा क्रम का निर्धारण वही करता है। सभा की कार्यवाही के रिकॉर्ड सम्बन्धी निर्णय लेना सभी संसदीय मामलों में उसका फैसला अंतिम होता है ।वह सदस्यों को अपनी क्षेत्रोय भाषा में बात रखने की अनुमति दे सकता है ।सदन में शांति और व्यवस्था बनाये रखना उसका कार्य है।

उप अध्यक्ष के सम्बंधित प्रावधान
सदन में बोलने और उसके विचार विमर्श में भाग लेने का अधिकार सदन के समक्ष किसी प्रस्ताव पर सदस्य के रूप में मतदान करने का अधिकार प्राप्त होता है ।
अध्यक्ष की अनुपस्थिति में सदन की अध्यक्षता करता है ।इस दौरान अध्यक्ष की सभी शक्तियों का प्रयोग करता है।

लोक सभा में सभापति तालिका
अध्यक्ष,उप अध्यक्ष की अनुपस्थिति में सभापति तालिका के सदस्यों द्वारा लोक सभा का सञ्चालन किया जाता है ।सभा पति तालिका में 6 सदस्य होते हैं ।सभपति तालिका के सदस्यों का मनोनयन अध्यक्ष द्वारा समय -समय पर किया जाता है।

लोक सभा अध्यक्ष की वरीयता
राष्ट्रपति ,उपराष्ट्रपति ,प्रधानमंत्री ,राज्यों के राजयपाल ,पूर्व राष्ट्रपति उप राष्ट्रपति के बाद लोक सभा अध्यक्ष का स्थान आता है ।
लोक सभा स्पीकर के साथ ही भारत के मुख्य न्यायाधीश का भी स्थान आता है। प्रधनमंत्री के मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों से लोक सभा अध्यक्ष का स्थान ऊंचा होता है ।वेतन और भाते भारत सरकार की संचित निधि पर भारत होता है ।इस पर संसद की स्वीकृति लेने की आवश्यकता नहीं होती है।

लोक सभा सभा के पद हटाने /हटने की शर्ते सम्बन्धी प्रक्रिया
1. यदि वह सदन का सदस्य नहीं हो ।
2. यदि वह उपाध्यक्ष को सम्बोधित अपने हस्ताक्षर सहित लेख द्वारा अपने पद का त्याग करे ।
3. 14 दिन पूर्व सूचना देकर उसे लोक सभा के सदस्यों द्वारा बहुमत से हटाया जा सकता है ।
यदि लोक सभा के अध्यक्ष को हटाने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया हो तो वह सभा की अध्यक्षता नहीं करेगा लेकिन कार्यवाही में भाग लेगा तथा मतदान भी करेगा ।लेकिन इस दशा में वह निर्णायक मतदान नहीं करेगा।

लोकसभा अध्यक्ष                                                        कार्यकाल:-
1 गणेश वासुदेव मावलंकर                                   15 मई 1952 – 27 फ़रवरी 1956
2 अनन्त शयनम् अयंगार                                     8 मार्च 1956 – 16 अप्रॅल 1962
3 सरदार हुकम सिंह                                            17 अप्रॅल 1962 – 16 मार्च 1967
4 नीलम संजीव रेड्डी                                            17 मार्च 1967 – 19 जुलाई 1969
5 जी. एस. ढिल्‍लों                                                   8 अगस्त 1969 – 1 दिसंबर 1975
6 बलि राम भगत                                                    15 जनवरी 1976 – 25 मार्च 1977
7 नीलम संजीव रेड्डी                                         26 मार्च 1977 – 13 जुलाई 1977
8 के एस हेगड़े                                                  21 जुलाई 1977 – 21 जनवरी 1980
9 बलराम जाखड़                                              22 जनवरी 1980 – 18 दिसंबर 1989
10 रवि राय                                                     19 दिसंबर 1989 – 9 जुलाई 1991
11 शिवराज पाटिल                                    10 जुलाई 1991 – 22 मई 1996
12 पी. ए. संगमा                                            25 मई 1996 – 23 मार्च 1998
13 जी एम सी बालयोगी                                     24 मार्च 1998 – 3 मार्च 2002
14 मनोहर जोशी                                            10 मई 2002 – 2 जून 2004
15 सोमनाथ चटर्जी                                         4 जून 2004 – 30 मई 2009
16 मीरा कुमार                                              4 जून 2009 – 4 जून 2014
17 सुमित्रा महाजन                                       6 जून 2014 – अब तक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *