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एक्सोप्लेनेट K 2 – 18b

हब्बल स्पेस टेलिस्कोप ने एक एक्सोप्लेनेट K 2 – 18b के वातावरण में जल वाष्प का पता लगाया है । K 2 – 18b का द्रव्यमान पृथ्वी से आठ गुना अधिक है। K 2 – 18b मिल्की वे के लियो कॉन्स्टेलशन में स्थित है।नासा के केप्लर ने वर्ष 2015 में K 2 – 18b का पता लगाया था । एक्सोप्लेनेट वैसे प्लेनेट होते हैं जो सोलर सिस्टम से बाहर होते हैं। सबसे पहले एक्सोप्लेनेट की खोज 1992 में की गयी थी ।

हब्बल स्पेस टेलिस्कोप

  • हबल अंतरिक्ष दूरदर्शी एक खगोलीय दूरदर्शी है जो अंतरिक्ष में कृत्रिम उपग्रह के रूप में स्थित है।
  • 25 अप्रैल सन् 1990 में अमेरिकी अंतरिक्ष यान डिस्कवरी की मदद से इसे कक्षा में स्थापित किया गया था।
  • हबल दूरदर्शी को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ‘ नासा ‘ ने यूरोपियन अंतरिक्ष एजेंसी के सहयोग से तैयार किया था।
  • अमेरिकी खगोलविज्ञानी एडविन पोंवेल हबल के नाम पर इसे ‘ हबल ‘ नाम दिया गया। यह नासा की प्रमुख वेधशालाओं में से एक है।
  • यह एक मात्र दूरदर्शी है, जिसे अंतरिक्ष में ही सर्विसिंग के हिसाब से डिजाइन किया गया है। वर्ष 2009 में इसकी सर्विसिंग की गयी थी यह वर्ष 2018 तक कार्यरत रहा ।

हब्बल स्पेस टेलिस्कोप की उप अन्वेषण हब्बल स्पेस टेलिस्कोप में कम्पोन नामक अन्वेषक का कार्य गामा किरण के उत्सर्जन का पता लगाना है । इसके अंतर्गत चंद्रा अन्वेषक का कार्य x रे का पता लगाना है। हब्बल स्पेस टेलिस्कोप में स्पिट्ज़र का उद्देश्य स्पेस टेलिस्कोप को स्थापित करना है । हब्बल स्पेस टेलिस्कोप में कम्पोन नामक अन्वेषक का कार्य गामा किरण के उत्सर्जन का पता लगाना है । इसके अंतर्गत चंद्रा अन्वेषक का कार्य x रे का पता लगाना है। हब्बल स्पेस टेलिस्कोप में स्पिट्ज़र का उद्देश्य स्पेस टेलिस्कोप को स्थापित करना है ।

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